Delhi Blast Case: दो मोबाइल और देशभर में फैले संदिग्ध नेटवर्क से बड़ा खुलासा”

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Delhi blast case: दो मोबाइल, संदिग्ध नेटवर्क और देशभर में फैले तार – जांच में रोज नए खुलासे

Delhi blast investigation me nikal kar aaya shocking data – suspect ke paas do mobile, 22 doctors par shanka, Al-Falah University ke 15 doctors laapata. Case ke nationwide links aur explosive planning se judi badi updates. Full news reportDelhi blast

दिल्ली में हुए हालिया धमाके की जांच जितनी आगे बढ़ रही है, उतने ही चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। शुरुआती जांच में जो एक साधारण-सी गतिविधि लग रही थी, अब एक बड़े नेटवर्क का संकेत दे रही है। जांच एजेंसियों के हाथ लगे सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, डॉक्टर्स से जुड़े लिंक और लापता संदिग्धों ने पूरे मामले को और जटिल बना दिया है।

Delhi blast case -दो मोबाइल का उपयोग, एक नया सुराग

जांच में अब यह साफ हो गया है कि मुख्य आरोपी उमर के पास दो मोबाइल फोन थे। पहले सिर्फ एक फोन की जानकारी थी, लेकिन अब सीसीटीवी फुटेज में उसे फरीदाबाद की एक मोबाइल शॉप में दूसरा फोन चार्जिंग के लिए देते हुए देखा गया है।
यह बड़ा सवाल है कि दूसरा फोन किसके संपर्क में था और उससे क्या गतिविधियाँ की जा रही थीं।

एजेंसियों के अनुसार,

  • दोनों मोबाइल में अलग-अलग नेटवर्क एक्टिविटी मिली है।

  • फोन का डाटा रिट्रीव किया जा रहा है जिससे संपर्क में आए अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

Delhi blast case -जांच की रफ्तार तेज, कई राज्यों में जुड़े तार

दिल्ली ब्लास्ट की जांच अब दिल्ली से बाहर कई राज्यों तक पहुँच चुकी है—

  • मेवात,

  • दिनाजपुर मेडिकल कॉलेज,

  • बिलासपुर,

  • सिलीगुड़ी और

  • लुधियाना तक कनेक्शन सामने आया है।

जांच टीम का मानना है कि यह एक संगठित नेटवर्क हो सकता है, जिसमें केवल आरोपी ही नहीं बल्कि कई सपोर्टिंग हैंडलर भी शामिल थे।
कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू है, जबकि कई के रोल की पुष्टि की जा रही है।

22 डॉक्टर संदेह के घेरे में

मामले में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब मेवात से जुड़े 22 डॉक्टरों पर संदेह जताया गया।
उनसे पूछताछ की जा रही है कि उनकी आरोपी से जान-पहचान कैसे थी और क्या कोई संपर्क या तकनीकी सहायता मिली थी।
अभी तक किसी डॉक्टर का दोष सिद्ध नहीं हुआ है, लेकिन एजेंसियों ने उनका बयान दर्ज किया है।

Delhi blase case – अल्फला यूनिवर्सिटी के 15 डॉक्टर लापता

जांच में पाया गया कि AL- FALAH यूनिवर्सिटी से जुड़े 15 डॉक्टर अचानक गायब हैं।

  • सभी के फोन स्विच-ऑफ

  • परिवारजन भी जानकारी देने से कतरा रहे

  • पुलिस जब पूछताछ के लिए यूनिवर्सिटी गई, किसी को नहीं पाया

यह भागना अपने आप में शक को और गहरा करता है। यह जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

आतंकी प्लानिंग में केमिकल और रासायनिक पदार्थों का उपयोग?

जांच में एक डॉक्टर अहमद मुइनुद्दीन का नाम भी सामने आया, जो कथित तौर पर रासायनिक पदार्थ (resin/chemical mix) तैयार कर रहा था।
एजेंसियों के अनुसार, यह पदार्थ

  • फलों,

  • सब्ज़ियों
    में मिलाकर लक्षित इलाकों में फैलाने की योजना हो सकती थी।

हालांकि इस पर अभी अंतिम पुष्टि बाकी है।

ईमेल फर्जीवाड़ा भी आया सामने

एक अन्य खुलासे में बरेली निवासी आरोपी ने फर्जी ईमेल आईडी बनाकर उत्तराखंड निवासी प्रमाणपत्र तैयार करवाया था।
यह पहचान छुपाने और गतिविधियों को पर्दे में रखने का तरीका बताया जा रहा है।

केवल 2 किलो अमोनियम से इतना बड़ा धमाका

शुरुआत में अनुमान लगाया गया था कि धमाके में 90 किलो अमोनियम नाइट्रेट था, लेकिन FSL की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि
सिर्फ 2 किलो विस्फोटक का उपयोग हुआ था।
यह विशेषज्ञता और तकनीकी समझ का संकेत देता है।

एजेंसियों का मानना है कि आरोपी बम बनाने में प्रशिक्षित था और सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के तरीके जानता था।

मामला जितना आगे बढ़ रहा, उतना गंभीर होता जा रहा

जांच एजेंसियां अब इस मामले को एक लोन-वुल्फ अटैक नहीं बल्कि
संगठित मॉड्यूल,
लंबे समय से सक्रिय नेटवर्क
के रूप में देख रही हैं।

आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी व खुलासे संभव हैं। दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय एजेंसियों ने पूरा फोकस नेटवर्क की जड़ तक पहुँचने पर लगाया है

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