हिसार( Hisar ) का खौफनाक हत्याकांड: जब बेटी ने लालच में अपने ही परिवार को मरवा दिया hisar 2025

hisar murder family

हिसार फैमिली मर्डर केस: बेटी की साजिश, आठ हत्याएं और 25 साल बाद जमानत

हरियाणा के हिसार( HISAR ) में 25 साल पहले हुए दिल दहला देने वाले हत्याकांड की पूरी कहानी, जहां एक बेटी ने संपत्ति के लालच में माता-पिता, भाई, भाभी और मासूम बच्चों तक की हत्या करवा दी। अब जमानत के बाद फिर उठे सवाल।  एक ऐसा हत्याकांड, जिसने 25 साल पहले पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था, एक बार फिर चर्चा में है। वजह है—मुख्य दोषियों को हाल ही में मिली अंतरिम जमानत। यह वही मामला है, जिसमें एक बेटी ने अपने पति के साथ मिलकर अपने ही माता-पिता, भाई, भाभी और मासूम बच्चों समेत पूरे परिवार का बेरहमी से कत्ल करवा दिया था।

यह कहानी सिर्फ एक अपराध की नहीं, बल्कि लालच, भरोसे के कत्ल और कानून के सवालों की कहानी है।

कौन थे रेलू राम पुनिया?

रेलू राम पुनिया हरियाणा की राजनीति में जाना-पहचाना नाम थे। वे हिसार ( Hisar ) से विधायक रह चुके थे और उस समय बेहद प्रभावशाली और संपन्न माने जाते थे।

  • हिसार और आसपास सैकड़ों एकड़ ज़मीन

  • दिल्ली और गुरुग्राम में प्रॉपर्टी

  • उस दौर की मशहूर कोठी, जहां सीधे बेडरूम तक गाड़ी जाती थी

  • समाज में रुतबा और सम्मान

परिवार छोटा था—

  • रेलू राम पुनिया

  • उनकी पत्नी

  • एक बेटा (शादीशुदा, तीन बच्चे)

  • एक बेटी (शादी के बाद दिल्ली में रहती थी)

यानी कुल मिलाकर एक सामान्य, खुशहाल परिवार।

हरियाणा के हिसार( HISAR ) में जन्मदिन की रात और मौत की साजिश

24 अगस्त को परिवार में जन्मदिन का कार्यक्रम था। 23 अगस्त की रात बेटी दिल्ली से hisar मायके पहुंची। उसने कहा—

“कल मैं व्यस्त रहूंगी, आज ही जन्मदिन मना लेते हैं।”

घर में पार्टी हुई। मेहमान आए, म्यूजिक बजा, माहौल खुशियों से भरा था। लेकिन किसी को अंदाज़ा नहीं था कि यह रात पूरे खानदान की आखिरी रात बनने वाली है।

चाय में मिला ज़हर और बेहोशी की साज़िश

रात करीब 10 बजे बेटी ने सबको चाय पीने के लिए कहा।
चाय में नशीली दवाइयाँ मिलाई गईं—

  • माता-पिता

  • भाई

  • भाभी

  • तीन मासूम बच्चे (एक सिर्फ 3 महीने का)

  • एक रिश्तेदार

कुछ ही देर में सभी बेहोश हो गए।

हरियाणा के हिसार( HISAR ) में🔨 हत्या की रात: जब बेटी ने मरवाया अपना ही परिवारhisar murder family

इसके बाद बेटी ने अपने पति को हत्या के लिए उकसाया। पहले गोली चलाने की बात हुई, लेकिन गोलियां कम थीं। फिर लोहे की रॉड लाई गई।

एक-एक करके—

  • पिता के सिर पर वार

  • माँ को बेरहमी से मारा

  • भाई को सबसे आखिर में, ताकि बचने की कोई संभावना न रहे

  • भाभी और तीन मासूम बच्चों को भी नहीं छोड़ा गया

तीन महीने के बच्चे की हत्या ने इस केस को देश के सबसे क्रूर अपराधों में शामिल कर दिया।

हत्या के बाद बेटी ने खुद को भी घायल करने को कहा, ताकि लगे कि वह भी पीड़िता है।

🚔 सुबह का मंजर और पुलिस जांच

सुबह नौकर पहुंचे।
पूरा घर खून से सना हुआ था।

शुरुआत में मामला राजनीतिक रंजिश या बाहरी हमले का लगा। बेटी जीवित मिली और बयान दिया—

“चाय पीने के बाद मुझे कुछ याद नहीं।”

लेकिन जांच आगे बढ़ी। पति टूट गया और उसने सच कबूल कर लिया। बाद में सबूतों के सामने बेटी को भी सच मानना पड़ा।

Hisar⚖️ कोर्ट का फैसला और फांसी की सजा

मामला अदालत पहुंचा।

  • निचली अदालत

  • फिर हाई कोर्ट

  • अंततः फांसी की सजा

जज की टिप्पणी आज भी याद की जाती है—

“जिसने तीन महीने के बच्चों की हत्या की हो, वह दया की हकदार नहीं।”

25 साल बाद जमानत और नए सवाल

अब, करीब 25 साल बाद, इस मामले में दोषियों को अंतरिम जमानत मिल गई है।

यहीं से सवाल खड़े होते हैं—

  • क्या इतने जघन्य अपराध में राहत सही है?

  • क्या यह समाज को गलत संदेश नहीं देता?

  • क्या इससे भविष्य में अपराधियों का हौसला नहीं बढ़ेगा?

सोशल मीडिया और जनता में भारी नाराज़गी है।

🧠 लालच जिसने सब कुछ तबाह कर दिया

इस पूरे हत्याकांड की जड़ में थी संपत्ति और पैसों की लालच

कहा जाता है कि बेटी अपने पति के लिए पिता से ₹50 लाख मांग रही थी। जब बात नहीं बनी, तो उसने पूरा परिवार खत्म कर दिया।

एक बेटी—

  • जिसने जन्म लिया

  • जिसे पाला गया

  • जिसे पढ़ाया-लिखाया गया

वही बेटी अपने ही परिवार की जल्लाद बन गई।

🔍 सिस्टम पर बड़ा सवाल

यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की कसौटी भी है।

अगर ऐसे मामलों में अपराधी सालों बाद बाहर आ जाते हैं, तो सवाल उठना लाज़मी है—

“क्या कानून अपराधियों से ज्यादा संवेदनशील है?”

हिसार का यह हत्याकांड आज भी रूह कंपा देता है।
यह कहानी है—

  • भरोसे के कत्ल की

  • लालच की

  • और इंसान के भीतर छुपे अंधेरे की

समाज और सिस्टम—दोनों को इससे सबक लेना होगा।

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