PM Modi on ‘Gulami Ki Mansikta’: Gurukul Model, Macaulay System पर बड़ा बयान | Education Reform India

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PM Modi ने फिर उठाया ‘Gulami ki Mansikta’ का मुद्दा: Gurukul System पर जोर, Macaulay Model पर सवाल

New Delhi: PM MODI JI ने एक बार फिर “गुलामी की मानसिकता छोड़ने” की बात कही है। उनके इस बयान ने देशभर में शिक्षा व्यवस्था, सांस्कृतिक पहचान और भारतीयता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
PM Modi ने कहा कि भारत को Macaulay Model—यानी अंग्रेजों द्वारा थोपे गए शिक्षा सिस्टम—से बाहर निकलकर अपनी पुरानी परंपराओं और मूल्यों की ओर लौटना होगा।

PM Modi ने कहा कि भारत को गुलामी की मानसिकता छोड़कर Gurukul जैसी मूल शिक्षा व्यवस्था की ओर लौटना चाहिए। Macaulay Model, भारतीयता, और शिक्षा सुधार पर देशभर में चर्चा तेज। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

Macaulay का जिक्र क्यों?

Aatma se Angrez banana चाहते थे”-MACAULAY

PM Modi ने 1835 में Thomas Macaulay के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि अंग्रेज भारत में ऐसी पीढ़ी बनाना चाहते थे जो दिखने में भारतीय हो लेकिन सोच और आत्मा से अंग्रेज हो।

1835 में Thomas Macaulay के एक बयान का ज़िक्र करते हुए PM Modi ने कहा था कि अंग्रेज भारत में ऐसी पीढ़ी बनाना चाहते थे जो दिखने में भारतीय हो, लेकिन सोच और आत्मा से अंग्रेज हो।
कई लोग मानते हैं कि आज भी हम अंग्रेज़ियत और वेस्टर्न कल्चर की ओर झुकाव रखते हैं—खासकर भाषा के मामले में। हिंदी बोलने से झिझकना भी इसी मानसिकता का हिस्सा बताया जाता है।


Gurukul System पर Modi का जोर

PM Modi ने कहा कि भारत की मूल व्यवस्था—Gurukul System—में बच्चों को बचपन से ही उनके कौशल के अनुसार शिक्षा दी जाती थी।

  • वहाँ शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं थी।

    • पारंपरिक रोजगार और वेद-ज्ञान दोनों का संतुलन होता था

    •  बच्चे वेद-ज्ञान से लेकर विभिन्न पारंपरिक रोजगारों तक सीखते

    •  बच्चे  को उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण मिलता था

  • Job Guarantee जैसी अवधारणा भी गुरुकुल व्यवस्था का हिस्सा समझी जाती थी, क्योंकि हर बच्चा अपने हुनर के साथ समाज में योगदान देता था।                                                                                                                                                                                                                                                                               MODI JI के अनुसार, इस मॉडल ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।                                                                                                             PM Modi का मानना है कि भारत को वापस उन जड़ों पर लौटना चाहिए जो हमारी मिट्टी की खुशबू से भरी थीं और जिनकी वजह से भारत कभी दुनिया की 30–35% GDP का मालिक था।


200 साल पुरानी शिक्षा व्यवस्था कब बदलेगी?

PM Modi ने यह भी कहा कि Macaulay की शिक्षा पद्धति लगभग 200 साल पुरानी हो चुकी है।
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं:

  • क्या भारत 2035 से पहले पूरी तरह “भारतीय मॉडल” की शिक्षा व्यवस्था अपना पाएगा?

  • क्या नई शिक्षा नीति (NEP) पर्याप्त है या और बदलाव की जरूरत है?


‘Indian Products का उपयोग बढ़ाएँ’ – PM Modi की अपील

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीयों को धीरे-धीरे विदेशी चीज़ों की जगह अपने देश के उत्पादों पर भरोसा बढ़ाना चाहिए।
उनका कहना है कि आज भी माइक्रोफोन से लेकर छोटी-छोटी चीज़ें तक विदेशों से आ रही हैं, जबकि भारत में इनकी क्षमता मौजूद है।


Bahas जारी—क्या सच में वापस लौटना चाहिए?

PM Modi के बयान से देश में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है:
क्या भारत को modern education छोड़कर Gurukul Model पर लौट जाना चाहिए?
या फिर दोनों का संतुलित मिश्रण ही सही राह है?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि

  • परंपरा ज़रूरी है, Gurukul Model पर लौट जाना चाहिए

  • लेकिन आधुनिक तकनीक और global skills भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।                                                                                                                                              FOR MORE NEWS

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