77th Republic Day 2026 Live: कर्तव्य पथ पर ब्रह्मोस, ड्रोन और सैन्य शक्ति
Republic Day 2026 में कर्तव्य पथ पर भारत की सैन्य ताकत, ब्रह्मोस मिसाइल, ड्रोन वॉरफेयर, बौद्ध भिक्षु और भव्य परेड। 77वां गणतंत्र दिवस 2026: कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगुवाई में सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस, ड्रोन शो और सांस्कृतिक झलक।
Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर दिखी भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और ‘विकसित भारत’ की झलक
नई दिल्ली।
भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे देश में हर्षोल्लास और गर्व के साथ मना रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह की अगुवाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की। इस ऐतिहासिक अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
21 तोपों की सलामी के साथ फहराया गया तिरंगा
समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद 105 मिमी लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी गई। यह सलामी 1721 सेरेमोनियल बैटरी (172 फील्ड रेजिमेंट) द्वारा प्रस्तुत की गई, जो स्वदेशी रक्षा क्षमता का प्रतीक है।
बौद्ध भिक्षुओं की मौजूदगी ने दिया शांति और करुणा का संदेश
इस वर्ष परेड में 40 देशों से आए बौद्ध भिक्षु और भिक्षुणियां विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी ने भगवान बुद्ध के अहिंसा, शांति और सह-अस्तित्व के संदेश को वैश्विक स्तर पर रेखांकित किया।
‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष और भारत की विकास यात्रा
77वें गणतंत्र दिवस समारोह की थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ पर आधारित रही। परेड के माध्यम से भारत की ऐतिहासिक यात्रा, सांस्कृतिक विविधता, सैन्य शक्ति और आधुनिक तकनीकी प्रगति को दर्शाया गया।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दी श्रद्धांजलि
परेड से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथियों के साथ पारंपरिक बग्घी में कर्तव्य पथ पहुंचीं।
सैन्य ताकत का भव्य प्रदर्शन
परेड में भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की झलक देखने को मिली।
मुख्य आकर्षणों में शामिल रहे:
- धनुष गन सिस्टम
- अमोघ एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS)
- सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम
- स्वदेशी सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर
इन हथियार प्रणालियों ने भारत की डीप स्ट्राइक क्षमता और आधुनिक युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया।
पहली बार ‘चरणबद्ध युद्ध संरचना’ का प्रदर्शन
भारतीय सेना ने इस वर्ष पहली बार Phased Battle Array (चरणबद्ध युद्ध संरचना) को परेड में प्रस्तुत किया। इसमें ड्रोन, टैंक, तोपखाने और आधुनिक युद्ध तकनीक को वास्तविक युद्ध परिस्थितियों के अनुरूप दर्शाया गया।
हेलिकॉप्टर फ्लाईपास्ट और पुष्प वर्षा
कर्तव्य पथ के ऊपर एमआई-17 1वी हेलिकॉप्टरों ने ध्वज फॉर्मेशन में उड़ान भरते हुए पुष्प वर्षा की।
इसके अलावा ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर, रुद्र ALH-WSI और ALH मार्क-IV हेलिकॉप्टरों ने ‘प्रहार फॉर्मेशन’ में उड़ान भरी।
ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हथियारों की झलक
परेड में ऑपरेशन सिंदूर में उपयोग किए गए हथियारों और तकनीकों को भी प्रदर्शित किया गया। ड्रोन वॉरफेयर सिस्टम और सूर्यास्त्र ने दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा।
स्वदेशी बख्तरबंद वाहन HMRV का प्रदर्शन
महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स द्वारा विकसित हाई मोबिलिटी रिकॉनैसेंस व्हीकल (HMRV) को भी प्रदर्शित किया गया। यह अत्याधुनिक सर्विलांस रडार, ड्रोन, एंटी-ड्रोन गन और उन्नत संचार प्रणाली से लैस है।
यूरोपीय संघ का दस्ता भी परेड में शामिल
अंतरराष्ट्रीय सहयोग को दर्शाते हुए यूरोपीय संघ का मार्चिंग दस्ता चार झंडों के साथ परेड में शामिल हुआ, जिसने समारोह को वैश्विक रंग दिया।
पीएम मोदी का संदेश- republic day 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि गणतंत्र दिवस भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को और मजबूत करने का अवसर है।
करीब 90 मिनट तक चला भव्य आयोजन
सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ यह भव्य समारोह लगभग 90 मिनट तक चला, जिसमें सैन्य सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आधुनिक भारत की शक्ति का प्रदर्शन देखने को मिला।
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