“Bihar Election ( Chunav) Mein Political Hungama: Negative Politics, Muslim League Link Aur 30 Votes Ki Haar Ne Badla Maidan”
Bihar Election 2025 mein hungama: Congress par negative politics ke aarop, AIMIM par vote-cut ka ठीकरा, BJP ki 30-vote se haar, RJD ka stable vote bank aur parties mein इस्तीफों ka silsila. Padhिए full analysis.
Bihar में चुनावी संग्राम लगातार गहराता जा रहा है। राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगाने में इतने व्यस्त हैं कि जनता का असली मुद्दों पर ध्यान ही नहीं जा पा रहा। भाषणों और बयानबाज़ी के बीच एक बात साफ दिख रही है—देश की राजनीति लगातार नेगेटिव कैंपेनिंग की तरफ खिसक रही है, और इसका सबसे बड़ा असर चुनावी नतीजों में भी झलकने लगा है।
Bihar election⭐ कांग्रेस पर तीखे वार: “2014 के बाद पॉज़िटिव एजेंडा ही नहीं बचा”
राजनीतिक विश्लेषकों और कई नेताओं ने कांग्रेस पर यह आरोप दोहराया कि पार्टी के पास अब कोई स्पष्ट विज़न या “पॉज़िटिव एजेंडा” नहीं है।
उनका कहना है कि—
कांग्रेस अब सिर्फ नेगेटिव कैंपेन पर टिक गई है।
मुस्लिम लीग से जुड़ाव के आरोप फिर सामने लाए जा रहे हैं।
विदेशी एजेंडा लाने और इम्प्लीमेंट करने की बातें भी विपक्ष को कठघरे में रख रही हैं।
राजनीतिक माहौल में बयान कुछ इस तरह सुनाई दे रहा है:
“इतनी नेगेटिव पॉलिटिक्स में कोई आपको वोट क्यों देगा?”
Bihar election ⭐ ओवैसी और AIMIM पर भी निशाना — “वोट कटवा का ठीकरा फूट रहा है”
चुनाव में AIMIM को लेकर सबसे बड़ा विवाद वोट-कटवा का रहा।
एक उम्मीदवार तो महज़ 389 वोटों से हार गया, और AIMIM के वोट बैंक को हार का कारण बताया गया।
गणना के अनुसार:
विजेता को मिला: 80,000+ वोट
अलग-अलग मुस्लिम उम्मीदवारों के कुल वोट जोड़ें तो लगभग 1,75,000+
इस स्थिति में नेटिजन्स का कहना है—
“जब विपक्ष एकजुट नहीं होगा तो हार तो तय है।”
Bihar election⭐ IPS & IAS नेताओं की एंट्री पर बड़ा सवाल:ar “जनता का दर्द समझ ही नहीं पाते”
हाल ही में एक पूर्व ADG (हिमाचल) चुनाव लड़ने उतरे थे, लेकिन मात्र 3433 वोट हासिल कर सके।
उनकी जमानत भी जब्त हो गई।
सोशल मीडिया पर लोग तंज कसते दिखे:
“सरकारी कुर्सी चलाते चलाते लगता है जनता की नब्ज़ पढ़ना भूल गए।”
“सिस्टम के लोग जनता की राजनीति नहीं समझ पाते।”
राजनीतिक समीक्षकों के अनुसार ये ट्रेंड बढ़ रहा है, लेकिन सफलता बेहद कम मिलती है।
⭐ EVM पर आरोप, लेकिन 30 वोट भी मैनेज नहीं कर पाए?
Ramgarh सीट पर सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवार सिर्फ 30 वोट से हार गए।
हालाँकि पार्टी पर लगातार EVM को लेकर आरोप लगते रहे हैं, पर सवाल यह उठा—
“अगर EVM सेटिंग होती, तो क्या 30 वोट की हार संभव थी?”
बीजेपी समर्थकों में इस हार को लेकर हल्का असंतोष भी देखा गया।
⭐ BSP ने खाता खोला, RJD का वोट बैंक स्थिर
डेटा के मुताबिक:
पिछली बार RJD को: 23% वोट
इस बार भी लगभग 23%
मतलब—RJD का कोर वोट बैंक जस का तस बना हुआ है।
दूसरी तरफ BSP ने एक सीट जीतकर इस चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
⭐ RK Singh को नोटिस—पार्टी विरोध या करप्शन के खिलाफ आवाज़?
बीजेपी के वरिष्ठ नेता RK Singh को पार्टी विरोधी गतिविधियों का नोटिस मिला।
उन्होंने जवाब में कहा—
“भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलना पार्टी-विरोध कैसे हो सकता है?”
बाद में उन्होंने इस्तीफ़ा भी दे दिया।
आरोप यह भी लगा कि वे पार्टी के भीतर बड़े बिज़नेस समूहों पर सवाल उठा रहे थे।
⭐ कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर नाराज़गी — “RSS वालों को टिकट?”
कांग्रेस में भी टिकट को लेकर बड़ा विवाद देखने को मिला।
सकेल अहमद सहित कई नेताओं ने नाराज़गी जताई और इस्तीफ़ा दिया।
उनका कहना था—
संविधान बचाने की बात करने वाले नेता
वही RSS विचारधारा से जुड़े लोगों को टिकट दे रहे हैं
ये निर्णय पार्टी में बवाल का कारण बना।
🔍 निष्कर्ष: बिहार चुनाव 2025 ने एक संकेत दिया है
विपक्ष बंटा हुआ है
बीजेपी में भी असंतोष की आवाज़ें उठ रही हैं
कांग्रेस की रणनीति पर सवाल
छोटे दलों की एंट्री से वोट शेयर बिखरा
EVM पर राजनीति जारी
इन सबके बीच जनता साफ कह रही है—
“हमें मुद्दों पर राजनीति चाहिए, न कि सिर्फ नेगेटिव कैंपेन।”
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